Chandra Prabhu Aarti चन्द्र प्रभु आरती

Chandra Prabhu Aarti चन्द्र प्रभु आरती – श्री चन्द्र प्रभु जी की दो आरती इस पोस्ट में प्रकाशित की जा रही है.

Chandra Prabhu Aarti चन्द्र प्रभु आरती

|| चन्द्र प्रभु आरती ||

म्हारा चन्द्रप्रभु जी की सुंदर मूरत,
म्हारे मन को भाई जी

सावन सुदी दशमी तिथि आई,
प्रगटे त्रिभुवन राई जी

म्हारा चन्द्रप्रभु जी की सुंदर मूरत,
म्हारे मन को भाई जी

अलवर प्रान्त में नगर तिजारा,
दरसे देहरे माहीं जी

सीता सती ने तुमको ध्याया,
अग्नि में कमल रचाया जी

म्हारा चन्द्रप्रभु जी की सुंदर मूरत,
म्हारे मन को भाई जी

मैना सती ने तुमको ध्याया,
पीटीआई का कुष्ट मिटाया जी

सोमा सती ने तुमको धयाया,
नाग का हार बनाया जी

म्हारा चन्द्रप्रभु जी की सुंदर मूरत,
म्हारे मन को भाई जी

मानतुंग मुनि ने तुमको ध्याया,
तालों को तोड़ भगाया जी

अंजन चोर ने तुमको ध्याया,
सूली से अधर उठाया जी

समवशरण में जो कोई आया,
उसको पर लगाया जी

म्हारा चन्द्रप्रभु जी की सुंदर मूरत,
म्हारे मन को भाई जी

ठाडो सेवक अर्ज करे है,
जामन-मरण मिटाओ जी

हम सब भगवन तुमको ध्यायें,
बेडा पार लगाओ जी

म्हारा चन्द्रप्रभु जी की सुंदर मूरत,
म्हारे मन को भाई जी.

Om Jai Chandra Prabhu Aarti

Om Jai Chandra Prabhu Aarti

|| ॐ जय चन्द्र प्रभु ||

ॐ जय चंद्रप्रभु देवा, स्वामी जय चंद्रप्रभुदेवा ।
तुम हो विघ्न विनाशक स्वामी, तुम हो विघ्न विनाशक स्वामी
पार करो देवा, स्वामी पार करो देवा ॥

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ॐ जय चंद्रप्रभु देवा …………

मात सुलक्षणा पिता तुम्हारे महासेन देवा
चन्द्र पूरी में जनम लियो हैं स्वामी देवों के देवा
तुम हो विघ्न विनाशक, स्वामी पार करो देवा ॥

ॐ जय चंद्रप्रभु देवा …………

जन्मोत्सव पर प्रभु तिहारे, सुर नर हर्षाये
रूप तिहार महा मनोहर सब ही को भायें
तुम हो विघ्न विनाशक, स्वामी पार करो देवा ॥

ॐ जय चंद्रप्रभु देवा …………

बाल्यकाल में ही प्रभु तुमने दीक्षा ली प्यारी
भेष दिगंबर धारा, महिमा हैं न्यारी
तुम हो विघ्न विनाशक, स्वामी पार करो देवा ॥

ॐ जय चंद्रप्रभु देवा …………

फाल्गुन वदि सप्तमी को, प्रभु केवल ज्ञान हुआ
खुद जियो और जीने दो का सबको सन्देश दिया
तुम हो विघ्न विनाशक, स्वामी पार करो देवा ॥

ॐ जय चंद्रप्रभु देवा …………

अलवर प्रान्त में नगर तिजारा, देहरे में प्रगटे
मूर्ति तिहारी अपने अपने नैनन, निरख निरख हर्षे
तुम हो विघ्न विनाशक, स्वामी पार करो देवा ॥

ॐ जय चंद्रप्रभु देवा …………

हम प्रभु दास तिहारे, निश दिन गुण गावें
पाप तिमिर को दूर करो, प्रभु सुख शांति लावें
तुम हो विघ्न विनाशक, स्वामी पार करो देवा ॥

ॐ जय चंद्रप्रभु देवा …………

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