Ganesh Puja 2019 | Ganesh Chaturthi 2019 | गणेश चतुर्थी पूजन 2019

Ganesh Puja 2019 | Ganesh Chaturthi 2019 | गणेश चतुर्थी पूजन 2019 की विस्तृत जानकारी. साथ ही गणेश चतुर्थी पूजन का सही समय और महत्व.

साथ ही आप जानेंगे गणेश चतुर्थी पूजन से लाभ. तथा गणेश चतुर्थी के दिन क्यों चाँद को नहीं देखना चाहिए.

गणेश चतुर्थी पूजा हिन्दू धर्म की एक बहुत ही महत्वपूर्ण त्यौहार है. बहुत सारे जगहों में अन्य धर्म के लोग भी इस गणेश पूजा को मनाते हैं.

भारत वर्ष के महाराष्ट्र राज्य में इस गणेश चतुर्थी पूजा ( Ganesh Chaturthi Puja 2019 ) को काफी धूमधाम से मनाया जाता है.

वैसे इस त्यौहार को सम्पूर्ण भारत वर्ष में मनाया जाता है. उत्तर भारत में विशेषकर बिहार और उत्तर प्रदेश में गणेश चतुर्थी को Chauth Chandra चौठ चन्द्र के नाम से मनाया जाता है.

ganesh puja 2019
ganesh chaturthi puja 2019

गणेश पूजा का बहुत ही महत्व है. भगवान गणेश सभी देवताओं में प्रथम पूज्य हैं. वे बिघ्न हर्ता हैं. वे मंगलकारी हैं. वे ऋद्धि सिद्धि के दाता हैं.

भगवान गणेश की कृपा से सभी कार्य निर्बिघ्न रूप से संपन्न हो जातें हैं. किसी भी कार्य को शुरू करने से पूर्व भगवान गणेश की पूजा और स्तुति अवस्य करनी चाहिए. इससे वह कार्य शुभ रूप से संपन्न हो जाता है.

Ganesh Chaturthi Puja 2019 Date and Puja time

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In 2019 Ganesh Chaturthi Puja Date is 2nd September. 2nd September 2019 is Monday.

Bhadrapada Shukla Paksha Chaturthi Tithi begins : 4:57 AM on 2nd September 2019.

Bhadrapada Shukla Paksha Chaturthi Tithi ends : 1:54 AM on 3rd September 2019.

2019 Bhadrapada Shukla Paksha Chaturthi Tithi begins : 4:57 AM on 2nd September 2019.

Bhadrapada Shukla Paksha Chaturthi Tithi ends : 1:54 AM on 3rd September 2019.

Ganesh Chaturthi Puja 2019 timing may vary from different panchang. So kindly cpnsult your Pandit or Purohit.

गणेश चतुर्थी पूजा 2019 तिथी और समय

गणेश चतुर्थी पूजा 2019 सितम्बर महीने की 2 तारीख को मनाई जायेगी.

इस दिन सोमवार है.

गणेश चतुर्थी पूजा भाद्रपद महीने के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को मनाई जाती है. इस दिन को गणेश भगवान के जन्म दिन के रूप में मनाया जाता है.

भाद्रपद शुक्ल पक्ष चतुर्थी तिथी शुरू : 4:57 AM 2 सितम्बर

भाद्रपद शुक्ल पक्ष चतुर्थी तिथी समाप्त : 1:54 AM 3 सितम्बर

Ganesh Chaturthi Puja 2019

गणेश चतुर्थी पूजा 2019

ganesh chaturthi puja 2019
ganesh puja 2019

भगवान गणेश की आराधना करने का सर्वश्रेष्ठ माध्यम है. भाद्रपद महीने के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथी को भगवान गणेश की विधि पूर्वक पूजा और आराधना करना.

इस वर्ष गणेश चतुर्थी पूजा सोमवार 2 सितम्बर 2019 को मनाई जायेगी.

गणेश चतुर्थी पूजा भगवान गणेश के जन्मोत्सव के रूप में मनाई जाती है.

भगवान गणेश के भक्त उनसे अपने लिए सुख और सम्पती की कामना करते हैं. गणपति पूजन सम्पूर्ण विश्व में मनाई जाती है. भगवान गणेश के भक्त पुरे भक्ति भाव से अपने आराध्य की पूजा और आराधना करते हैं.

गणेश चतुर्थी पूजा भाद्रपद मास के शुक्ला पक्ष के चतुर्थी तिथी से शुरू होती है. इसका विसर्जन भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष के चतुर्दशी तिथी को होती है. इन दस दिनों तक भक्त भगवान गणेश की पूजा और आराधना करते हैं. महाराष्ट्र राज्य में यह पूजा सम्पूर्ण दस दिनों तक मनाई जाती है.

महाराष्ट्र राज्य में यह गणेश चतुर्थी पूजा ( Ganesha Chaturthi Puja 2019 ) काफी धूमधाम से मनाई जाती है. इस वर्ष भी यह पूजा काफी धूमधाम और उल्लास से मनाई जायेगी.

भाद्रपद महीने की शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथी को अनन्त चतुर्दशी भी मनाई जाती है. इसी दिन भगवान गणेश की प्रतिमा का पुरे धूम धाम से विसर्जन किया जाता है.

Ganapati Sthapana and Ganapati Puja Muhurat

गणपति स्थापना और गणपति पूजा मुहूर्त

भारतीय हिन्दू धर्म ग्रंथों की मान्यताओं के अनुसार भगवान गणेश जी का जन्म भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथी को हुआ था. भगवान श्री गणेश का जन्म दिन के मध्यान्ह काल में हुआ था. ऐसी धर्म ग्रंथों में मान्यता है.

इसलिय गणपति स्थापना ( Ganpati Sthapana ) और गणपति पूजन ( Ganpati Puja ) दिन के मध्यान्ह काल में ही करना श्रेष्ठ कर होता है.

दिन के मध्यान्ह काल को ही गणपति पूजा और गणपति स्थापना के लिए उत्तम माना गया है.

मध्यान्ह काल में ही भगवान गणपति के भक्त सम्पूर्ण श्रद्धा और भक्ति के साथ भगवान गणपति की स्थापना करतें हैं. और सम्पूर्ण श्रद्धा और भक्ति भाव से भगवान गणेश की पूजा ( Ganesha Puja ) करते हैं.

इस वर्ष मध्यान्ह गणेश पूजा का समय है

Madhyahna Ganesha Puja Timing 2019 : 11: 12 AM to 1: 41 PM 2nd September 2019.

Duration of Madhyanha Ganesha Puja 2019 : 2 Hours 29 Minute.

मध्यान्ह गणेश पूजा समय 2019 : 11 : 12 AM से 1 : 41 PM 2 सितम्बर

मध्यान्ह गणेश पूजा समय काल 2019 : 2 घन्टे 29 मिनट

गणपति स्थापना समय और गणपति पूजा समय में कुछ भिन्नता हो सकती है. इसलिए आप किसी पंडित या पुरोहित से इस संबंद्ध में परामर्श कर लें तो यह श्रेष्ठकर होगा.

Why Moon sighting is prohibited in Ganesh Chaturthi puja

गणेश चतुर्थी पूजा ( Ganesh Chaturthi Puja 2019 ) के दिन चाँद को देखना क्यों अशुभ माना जाता है?

भगवान श्री गणेश चतुर्थी पूजा के दिन अर्थात भाद्रपद महीने की शुक्ल पक्ष के चतुर्थी तिथी को चंद्रमा ( Moon ) का दर्शन अशुभ माना जाता है.

हिन्दू धर्म ग्रंथों के अनुसार भाद्रपद महीने की शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथी को यानी गणेश चतुर्थी पूजा के दिन चन्द्रमा को देखने से मिथ्या दोष या मिथ्या कलंक लगता है. मिथ्या दोष या मिथ्या कलंक का मतलब जो गलत काम आपने नहीं किया है उसका भी दोषारोपण आप पर किया जाता है.

इसी कारण से गणेश चतुर्थी पूजा ( Ganesha Chaturthi Puja 2019) के दिन चाँद को नहीं देखना चाहिए. ऐसा करने से आपको मिथ्या कलंक या मिथ्या दोष ( Mithya Kalank or Mithya Dosh ) लग सकता है.

ऐसी मान्यता है की चन्द्रमा को भगवान गणेश का श्राप है की जो भी व्यक्ति उसे भाद्रपद महीने के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथी को देखेगा उसे मिथ्या कलंक या मिथ्या दोष लगेगा.

चंद्रमा को यह श्राप भगवान गणेश ने क्यूँ दिया. इस संबंद्ध में भी एक कथा है. इस कथा का वर्णन हिन्दू धार्मिक ग्रंथों में दिया गया है.

चंद्रमा को भगवान गणेश द्वारा क्यूँ श्राप दिया गया?

chandra darshan
chandrama

इस कथा के अनुसार एक बार चंद्रमा खुद के रूप को देखकर प्रसन्न भाव से आकाश मार्ग में विचरण कर रहे थे. उसी समय उनकी नजर भगवान गणेश पर पड़ी. भगवान श्री गणेश के रूप को देखकर उन्हें हंसी आ गयी.

यह देखकर भगवान श्री गणेश को क्रोद्ध आ गया. भगवान श्री गणेश जी ने चंद्रमा के उनके अपने रूप और सौन्दर्य के अहंकार को नष्ट करने के लिए उन्हें श्राप दिया की आज से कोई भी उन्हें नहीं देखेगा. अगर कोई गलती से भी उन्हें देख लेता है तो उसे मिथ्या कलंक या मिथ्या दोष लगेगा.

इस श्राप के प्रभाव से चंद्रमा का रूप और सौन्दर्य नष्ट हो गया. चंद्रमा काफी उदाश रहने लगे. तभी देवताओं ने चंद्रमा से भगवान श्री गणेश की स्तुति और आराधना करने की सलाह दी.

देवताओं के सलाह से चंद्रमा से बिभिन्न तरह से भगवान श्री गणेश की पूजा और आराधना की. चंद्रमा की पूजा और आराधना और उनके पश्चाताप से प्रसन्न होकर भगवान श्री गणेश जी ने उन्हें दर्शन दिया. और वरदान मांगने को कहा.

चंद्रमा ने भगवान श्री गणेश से अपने श्राप को वापस लेने का आग्रह किया. चंद्रमा से गणेश जी से वरदान माँगा की मुझे लोग पहले की तरह देखे.

इस पर प्रसन्न होकर भगवान श्री गणेश ने चंद्रमा से कहा की पुरे वर्ष चंद्रमा को देखने से कोई भी मिथ्या कलंक या मिथ्या दोष नहीं लगेगा. सिर्फ भाद्रपद महीने की शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथी को चंद्रमा को देखने से मिथ्या कलंक या मिथ्या दोष लगेगा.

साथ ही अगर कोई इस दिन गणेश चतुर्थी पूजा करने के पश्चात मंत्रो का पाठ करते हुए चन्द्र दर्शन करेगा. उसे मिथ्या कलंक नहीं लगेगा. साथ ही उसे मनोवांछित फल की प्राप्ति होगी.

भगवान श्रीकृष्ण को कैसे मिथ्या कलंक लगा?

shrikrishna
krishna

ऐसी मान्यता है की भगवान श्री कृष्ण को भी मिथ्या कलंक या मिथ्या दोष लगा गया था. भगवान श्रीकृष्ण पर भी स्यमन्तक मणि चोरी करने का मिथ्या दोष लगा था.

भाद्रपद शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथी अर्थात गणेश चतुर्थी पूजा के दिन चन्द्र दर्शन करने के कारण भगवान श्रीकृष्ण पर भी स्यमन्तक मणि चोरी करने का मिथ्या कलंक या मिथ्या दोष लगा था.

जिसके उपाय के लिए उन्होंने भी भगवान श्री गणेश जी का पूजन किया था.

मिथ्या दोष से बचने का उपाय

ganesh puja 2019
ganesh chaturthi puja 2019

भाद्रपद शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथी को चन्द्र दर्शन से मिथ्या कलंक या मिथ्या दोष लगता है. इस मिथ्या दोष से बचा जा सकता है.

इस दिन चन्द्र दर्शन से बचना चाहिए. अगर आप सम्पूर्ण विधि से भगवान गणेश जी की पूजा करते हैं. उसके पश्चात निचे दिए गए मन्त्र का जाप करते हुए कोई फल आदि हाथ में लेकर चन्द्र दर्शन करतें हैं. तो आपको मिथ्या कलंक या मिथ्या दोष नहीं लगेगा. इस तरह से चन्द्र दर्शन करने से आपको मनोवांछित फल की प्राप्ति भी होगी. आप पर भगवान गणेश की कृपा हमेशा बनी रहेगी.

सिंहः प्रसेनमवधीत्सिंहो जाम्बवता हतः।
सुकुमारक मारोदीस्तव ह्येष स्यमन्तकः॥

Singhah Prasenamavadhitsimho Jambavata Hatah।
Sukumaraka Marodistava Hyesha Syamantakah॥

सिंहः प्रसेनमवधीत्सिंहो जाम्बवता हतः।
सुकुमारक मारोदीस्तव ह्येष स्यमन्तकः॥

Singhah Prasenamavadhitsimho Jambavata Hatah।
Sukumaraka Marodistava Hyesha Syamantakah॥

उपरोक्त मन्त्र के जाप करते हुए चन्द्र दर्शन करने से मिथ्या कलंक से मुक्ति मिलती है. साथ ही भगवान गणेश जी की कृपा भी प्राप्त होती है.

गणेश चतुर्थी पूजा ( Ganesh Chaturthi Puja ) से लाभ

ganesh chaturthi puja 2019
ganesh puja 2019

गणेश चतुर्थी पूजा से मनुष्य को भगवान श्री गणेश की कृपा प्राप्ति होती है.

भाद्रपद महीने की शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथी को सम्पूर्ण विधि विधान से भगवान गणेश की पूजा ( Ganesh Chaturthi Puja 2019 )करने से मनुष्य की समस्त मनोकामना गणेश जी पूर्ण करतें हैं.

भगवान गणेश जी की कृपा से मिथ्या कलंक और मिथ्या दोष का निवारण हो जाता है.

श्री गणपति जी की कृपा से सभी शुभ कार्य निर्बिघ्न रूप से संपन्न होते है.

जीवन में शुख और समृद्धि आती है.

सफलता की प्राप्ति भगवान गणेश जी की कृपा से होती है.

गणेश चतुर्थी पूजा ( Ganesh Chaturthi Puja ) को विनायक चतुर्थी ( Vinayaka Chaturthi Puja ) गणेश चौठ पूजा ( Ganesh Chauth Puja ) और चौठ चन्द्र पूजा ( Chauth Chandra Puja ) भी कहा जाता है.

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