Sankat Mochan Hanuman Ashtak : Download |संकट मोचन हनुमानाष्टक

Sankat Mochan Hanuman Ashtak | संकट मोचन हनुमान अष्टक बजरंगबली हनुमान जी का एक बहुत ही शक्तिशाली मन्त्र है. इस मन्त्र के नियमित जाप से हनुमान जी प्रसन्न होकर अपने भक्त की सभी समस्याओं से और संकटों से रक्षा करते हैं.

इस मन्त्र को नियमित रूप से रोजाना 7 बार पाठ करना चाहिये. मंगलवार को तो इसका पाठ अवस्य करें.

हनुमान जी को प्रसन्न करने के लिए हनुमान चालीसा ( Hanuman Chalisa ) बजरंग बाण ( Bajrang Baan ) और संकट मोचन हनुमान अष्टक ( Sankat Mochan Hanuman Ashtak ) प्रमुख मन्त्र हैं.

वैसे आप जय श्री राम, सीता राम और जय हनुमान का भी अगर जाप सच्चे ह्रदय से करतें हैं. तो हनुमान जी आप पर अवस्य प्रसन्न होंगे. और आपकी समस्त संकटों से रक्षा करेंगे.

हनुमान जी की कृपा पाने के लिए हनुमान जी पर सम्पूर्ण श्रद्धा और बिस्वास होना चाहिये.

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ऐसी मान्यता है की हनुमान जी जीवित देवता हैं. इस कलयुग में सभी संकटों से रक्षा करने वाले हनुमान जी ही हैं.

इस पोस्ट में आपको संकट मोचन हनुमान अष्टक हिंदी में और इंग्लिश में मिलेगी. साथ ही आप संकट मोचन हनुमान अष्टक ( Sankat Mochan Hanuman Ashtak ) को डाउनलोड ( Download ) भी कर सकतें हैं. डाउनलोड लिंक आपको पोस्ट के अंत में मिल जायेगी.

Sankat Mochan Hanuman Ashtak

संकट मोचन हनुमान अष्टक

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बाल समय रवि भक्षि लियो तब,
तीनहुं लोक भयो अंधियारों
ताहि सो त्रास भयो जग को,
यह संकट काहु सों जात न टारो
देवन आनि करी विनती तब,
छाड़ि दियो रवि कष्ट निवारो
को नहीं जानत है जग में कपि,
संकटमोचन नाम तिहारो,

बालि की त्रास कपीस बसै गिरि,
जात महाप्रभु पंथ निहारो
चौंकि महामुनि शाप दियो तब ,
चाहिए कौन बिचार बिचारो
कैद्विज रूप लिवाय महाप्रभु,
सो तुम दास के शोक निवारो,
को नहीं जानत है जग में कपि,
संकटमोचन नाम तिहारो,

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अंगद के संग लेन गए सिय,
खोज कपीश यह बैन उचारो
जीवत ना बचिहौ हम सो जु ,
बिना सुधि लाये इहाँ पगु धारो
हेरी थके तट सिन्धु सबै तब ,
लाए सिया-सुधि प्राण उबारो.
को नहीं जानत है जग में कपि,
संकटमोचन नाम तिहारो,

रावण त्रास दई सिय को तब ,
राक्षसि सो कही सोक निवारो
ताहि समय हनुमान महाप्रभु ,
जाए महा रजनीचर मारो
चाहत सीय असोक सों आगिसु ,
दै प्रभु मुद्रिका सोक निवारो,
को नहीं जानत है जग में कपि,
संकटमोचन नाम तिहारो,

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बान लग्यो उर लछिमन के तब ,
प्राण तजे सुत रावन मारो
लै गृह बैद्य सुषेन समेत ,
तबै गिरि द्रोण सुबीर उपारो
आनि संजीवन हाथ दई तब ,
लछिमन के तुम प्रान उबारो,
को नहीं जानत है जग में कपि,
संकटमोचन नाम तिहारो,

रावन युद्ध अजान कियो तब ,
नाग कि फांस सबै सिर डारो
श्री रघुनाथ समेत सबै दल ,
मोह भयो यह संकट भारो
आनि खगेस तबै हनुमान जु ,
बंधन काटि सुत्रास निवारो,
को नहीं जानत है जग में कपि,
संकटमोचन नाम तिहारो,

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बंधु समेत जबै अहिरावन,
लै रघुनाथ पताल सिधारो
देवहिं पूजि भली विधि सों बलि ,
देउ सबै मिलि मन्त्र विचारो
जाये सहाए भयो तब ही ,
अहिरावन सैन्य समेत संहारो,
को नहीं जानत है जग में कपि,
संकटमोचन नाम तिहारो,

काज किये बड़ देवन के तुम ,
बीर महाप्रभु देखि बिचारो
कौन सो संकट मोर गरीब को ,
जो तुमसो नहिं जात है टारो
बेगि हरो हनुमान महाप्रभु ,
जो कछु संकट होए हमारो,
को नहीं जानत है जग में कपि,
संकटमोचन नाम तिहारो,

दोहा

लाल देह लाली लसे ,
अरु धरि लाल लंगूर I
बज्र देह दानव दलन ,
जय जय जय कपि सूर II

Hanuman Ashtak

sankat mochan hanuman ashtak
hanumanashtak mantra

Baal samai ravi bhakshi liyo tab,
teenahu loka bhayo andhiyaro ।
Taahi so traas bhayo jag ko,
yah sankat kaahu so jaat na taaro ।
Dewan aani kari bintee tab,
chaadhi diyo ravi kasht niwaaro ।
Ko nahin jaanat hai jag mein kapi,
sankat mochan naam tihaaro || 1 ||

Baali ki traas kapees basai giri,
jaat mahaaprabhu panth nihaaro ।
Chownki mahaa muni saap diyo tab,
chahiy kaun bichaar bichaaro ।
Kai dwij roop liwaay mahaa prabhu,
so tum daas ke sok niwaaro ।
Ko nahin jaanat hai jag mein kapi,
sankat mochan naam tiharo || 2 ||

Angad ke sang lain gaye siya,
khoj kapees yah baain uchaaro ।
jeevat na bachihau hum son ju,
bina sudhi laay ehaan pagu dhaaro ।
Hayri thake tatt sindhu sabaai tab,
laay siya-sudhi praan ubaaro ।
Ko nahin jaanat hai jag mein kapi,
sankat mochan naam tiharo || 3 ||

Raavan traas dayee siya ko sab,
raakshashi so kahi sok nivaaro ।
Taahi samay hanuman mahaprabhu,
Jaay mahaa rajneechar maaro ।
Chaahat seeya asoka so aagi su,
dai prabhu mudrika soka nivaaro ।
Ko nahin jaanat hai jag mein kapi,
sankat mochan naam tiharo || 4 ||

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Baan lagyo ur lakshiman ke tab,
praan taje sut raavan maaro ।
Lai griha baidya sushen samet,
tabai giri dron su beer upaaro ।
Aani sajeewan hath dayee taba,
lakshiman ke tum praan upaaro ।
Ko nahin jaanat hai jag mein kapi,
sankat mochan naam tiharo || 5 ||

Raavan yudh ajaan kiyo tab,
naag ki phaas sabhi sir daaro ।
Sri Raghunath samet sabai dal,
moh bhayo yah sankat bhaaro ।
Aani khagesh tabai hanumaan ju,
bandhan kaati sutraas nivaaro ।
Ko nahin jaanat hai jag mein kapi,
sankat mochan naam tiharo || 6 ||

Bandhu samet jabai ahiraavan,
lai raghunath pataal sidhaaro ।
Devhi puji bhalee vidhi so bali,
deu sabai mili mantra vichaaro ।
Jaay sahaay bhayo tab hi,
ahiraavan sainya samet sanhaaro ।
Ko nahin jaanat hai jag mein kapi,
sankat mochan naam tiharo || 7 ||

Kaaj kiye barh dewan kei tum,
beer mahaaprabhu dekhi bichaaro ।
Kaun so sankat mohin gareeb ko,
jo tumso nahin jaat hai taaro ।
Begi haro hanumaan mahaprabhu,
jo kuch sankat hoya hamaaro ।
Ko nahin jaanat hai jag mein kapi,
sankat mochan naam tiharo || 8 ||

Doha

Laal deh laalee lase,
aru dhari laal langoor |
Bajra deh daanavdalan,
jai jai jai kapi soor ||

Sankat Mochan Hanuman Ashtak Lyrics

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संकट मोचन हनुमान अष्टक वृतांत

हनुमान जी अपने बाल्य अवस्था में बहुत ही शरारती थे. साथ ही वे बहुत ही शक्तिशाली भी थे. बचपन में एक बार हनुमान जी सूर्य देव को फल समझ कर उन्हें अपना आहार बना लिया थे. जिससे पुरे श्रृष्टि में त्राहिमाम मच गया थे. फिर देवताओं द्वारा विनती करने के पश्चात् हनुमान जी ने सूर्य देव को मुक्त किया था.

ऋषियों द्वारा उनके बाल्यपन की शरारती कार्यों के कारण उन्हें उनकी शक्तियों के भूल जाने का श्राप दिया गया.

बाद में जब लंका जाकर सीता माता का पता लगाने की आवास्यका हुई. जिसके लिए समुद्र को पार करना था. तब जाकर जाम्बवन्त और अन्य वानरों द्वारा हनुमान जी की स्तुति की गयी. और उन्हें उनकी शक्तियों को याद कराया गया. तब जाकर हनुमान जी को उनकी शक्तियों का स्मरण हुआ. और वे लंका पार कर सीता माता का पता लगा लाये.

हनुमान जी को उनकी शक्तियों का स्मरण कराने के लिए संकट मोचन हनुमान अष्टक ( Sankat Mochan Hanuman Ashtak ) का पाठ किया जाता है.

How to chant Sankat Mochan Hanuman Ashtak?

संकट मोचन हनुमान अष्टक का पाठ कैसे करें?

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  • संकट मोचन हनुमान अष्टक का पाठ आप प्रतिदिन कर सकतें हैं.
  • मंगलवार का दिन इस मन्त्र का पाठ करने के लिए बहुत ही उत्तम होता है.
  • हनुमान जयंती, राम नवमी आदि में इसका पाठ बहुत ही शुभ होता है.
  • आप हनुमान अष्टक ( Hanuman Ashtak ) का पाठ 7 बार करें.
  • सबसे पहले स्नान आदि कर ले.
  • उसके पश्चात किसी स्वच्छ आसन पर बैठें.
  • चारों और पूर्णतया शांत वातावरण होना चाहिए.
  • आप हनुमान जी की मूर्ती या तस्वीर के पास बैठकर हनुमान अष्टक का पाठ करें.
  • अगर आप किसी बजरंगबली के मंदिर में जाकर हनुमान अष्टक का पाठ करते हैं. तो यह अत्यंत शुभ और फलदायक होता है.
  • सर्व प्रथम हनुमान जी की पूजा आराधना करें.
  • हनुमान जी को सिंदूर आदि चढ़ाएं.
  • नैवेद्द चढ़ाएं.
  • उसके पश्चात धुप दीप आदि जलाएं.
  • फिर ह्रदय में हनुमान जी के प्रति श्रद्धा और बिस्वास जगाएं.
  • फिर पूर्ण श्रद्धा के साथ संकर मोचन हनुमान अष्टक ( Sankat Mochan Hanuman Ashtak ) का पाठ करें.
  • आप एक बार भी संकट मोचन हनुमान अष्टक का पाठ कर सकतें हैं.
  • परन्तु अगर आप 7 बार हनुमान अष्टक का पाठ करते हैं. तो यह बहुत ही शुभ फलदायक होता है.
  • पाठ करने के पश्चात हनुमान चालीसा और बजरंग बाण का भी पाठ आप कर सकतें हैं.
  • अंत में हनुमान जी की आरती करें.
  • कभी पर अगर आप पर कोई संकट आये तो आप हनुमान जी का स्मरण करते हुए संकर मोचन हनुमान अष्टक का पाठ करें.

Sankat Mochan Hanuman Ashtak Benefits

संकट मोचन हनुमान अष्टक से लाभ

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  • संकट मोचन हनुमान अष्टक के पाठ से मनुष्य को हनुमान जी की कृपा प्राप्ति होती है.
  • इस मन्त्र के पूर्ण श्रद्धा के साथ पाठ करने से हनुमान जी अपने भक्त की समस्त संकटों से रक्षा करतें हैं.
  • हनुमान अष्टक के पाठ से समस्त प्रकार के संकटों से रक्षा होती है.
  • इस मन्त्र के पाठ से नकारात्मक शक्तियों से हनुमान जी रक्षा करतें हैं.
  • समस्त प्रकार के भय का नाश करने की शक्ति हनुमान अष्टक में है.
  • हनुमान अष्टक के पाठ से सकारात्मक उर्जा ( Positive energy ) का प्रवाह चारों ओर होने लगता है.
  • इस मन्त्र के पाठ से जीवन में सुख और समृद्धि आती है.
  • संकट के समय इस हनुमान अष्टक का पाठ करने से हनुमान जी अपने भक्त की संकट से रक्षा करतें हैं.

Hanuman Ashtak Download

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3 comments on Sankat Mochan Hanuman Ashtak : Download |संकट मोचन हनुमानाष्टक

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