Shiv Mantra : शिव मंत्र : अत्यंत शक्तिशाली | तुरंत प्रभाव देखें

Shiv Mantra : आज मैं आप लोगों को भगवान शिव के कुछ अत्यंत शक्तिशाली मन्त्र बताने जा रहा हूँ. इन मंत्रो के जाप से मनुष्य को अत्यंत शुभ फल की प्राप्ति होती है.

ये शिव मंत्र अत्यंत ही शक्तिशाली हैं. और अगर इन मंत्रो का अत्यंत श्रद्धा और बिस्वास के साथ नियमित जाप किया जाए. तो इन मंत्रो का प्रभाव अवस्य ही शुभ होता है.

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Bhagwan Shiv

भगवान शिव

भगवान शिव | Bhagwan Shiv देवों के भी देव हैं. वे महादेव हैं. महादेव भगवान शिव औघर दानी हैं. महादेव शिव एकमात्र ऐसे देवता हैं. जो अपने भक्त की समस्त मनोकामनाओं को अवस्य पूर्ण करतें हैं.

महादेव शिव | Bhagwan Shiv को प्रसन्न करना और उनकी कृपा प्राप्त करना बहुत ही आसान है. महादेव शिव तुरंत ही प्रसन्न हो जातें हैं. भगवान शिव अपने भक्त की भावना को देखतें हैं. वे भाव के भूखे हैं.

वे शिव भोलेनाथ हैं. जो बिना कुछ सोचे समझे हीं अपने भक्त की मनोकामना पूर्ण कर देतें हैं. वे सिर्फ जल से प्रसन्न होने वाले देवता हैं. अगर कोई भक्त उन्हें सच्चे दिल से पुकारता है तो वे उसकी मनोकामना अवस्य पूर्ण करतें हैं.

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महादेव शिव जटाधारी हैं. वे कैलाश पर विराजते हैं. उनके जटा से गंगा निकलती है. वे सर्पों की माला धारण करते हैं. नंदी की सवारी करतें हैं.

Bhagwan Shiv | भगवान शिव के बारे में मैं क्या कहूँ. मैं तो उनका अदना सा भक्त हूँ. मैं उनके बारे में क्या जानता हूँ. वे मेरे आराध्य हैं. उनकी कृपा सदा मेरे साथ रहती है.

आज मैं इस पोस्ट में महादेव शिव के कुछ शक्तिशाली मंत्रो के बारे में बताने जा रहा हूँ.

Om Namah Shivaya Mantra

ॐ नमः शिवाय

भगवान शिव | Bhagwan Shiv की कृपा प्राप्ति का सर्वश्रेष्ठ मंत्र है – ॐ नमः शिवाय | Om Namah Shivaya.

यह मन्त्र सर्वश्रेष्ठ शिव मंत्र | Shiv Mantra है. यह मन्त्र अत्यंत ही शक्तिशाली शिव मंत्र है. इसका प्रभाव अत्यंत ही शुभ होता है. ॐ नमः शिवाय मंत्र के जाप से मनुष्य को भगवान शिव की कृपा प्राप्ति होती है.

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Om Namah Shivay

अगर आप सिर्फ शिव शिव का भी जाप करते हैं. तो भी आपको महादेव शिव की कृपा प्राप्ति होगी.

इस मन्त्र के जाप के लिए मनुष्य के अन्दर भगवान शिव के प्रति अत्यंत श्रद्धा और बिस्वास होना चाहिए. मन्त्र का जाप ह्रदय से करना चाहिए.

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Shiv Gayatri Mantra

शिव गायत्री मंत्र

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‘ऊं तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि तन्नो रुद्र: प्रचोदयात।’

शिव गायत्री मन्त्र का जाप अत्यंत ही शुभ फलदायक होता है. Shiv gayatri Mantra शिव गायत्री मन्त्र के जाप से मनुष्य को समस्त रोगों और कष्टों से मुक्ति मिलती है.

Shiv Panchakshar Mantra

श्री शिव पंचाक्षर स्तोत्रम्

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नागेंद्रहाराय त्रिलोचनाय भस्मांग रागाय महेश्वराय
नित्याय शुद्धाय दिगंबराय तस्मे न काराय नम: शिवाय:॥

मंदाकिनी सलिल चंदन चर्चिताय नंदीश्वर प्रमथनाथ महेश्वराय
मंदारपुष्प बहुपुष्प सुपूजिताय तस्मे म काराय नम: शिवाय:॥

शिवाय गौरी वदनाब्जवृंद सूर्याय दक्षाध्वरनाशकाय
श्री नीलकंठाय वृषभद्धजाय तस्मै शि काराय नम: शिवाय:॥

अवन्तिकायां विहितावतारं मुक्तिप्रदानाय च सज्जनानाम्।
अकालमृत्यो: परिरक्षणार्थं वन्दे महाकालमहासुरेशम्।।

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Mahamrityunjay Mantra

Shiv Mantra : Maha Mrityunjaya Mantra

महामृत्युंजयस्तोत्रम्

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ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्।
उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥

Shiv Dwadash Jyotirlingani Mantra

द्वादश ज्योतिर्लिन्गानी मंत्र

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सौराष्ट्रे सोमनाथं च श्रीशैले मल्लिकार्जुनम्‌।
उज्जयिन्यां महाकालमोंकारं ममलेश्वरम्‌ ॥1॥

परल्यां वैजनाथं च डाकियन्यां भीमशंकरम्‌।
सेतुबन्धे तु रामेशं नागेशं दारुकावने ॥2॥

वारणस्यां तु विश्वेशं त्र्यम्बकं गौतमी तटे।
हिमालये तु केदारं ध्रुष्णेशं च शिवालये ॥3॥

एतानि ज्योतिर्लिंगानि सायं प्रातः पठेन्नरः।
सप्तजन्मकृतं पापं स्मरेण विनश्यति ॥4॥

Shiv Tandav Stotram

शिव तांडव स्तोत्रम्

जटाटवीगलज्जलप्रवाहपावितस्थले गलेवलम्ब्यलम्बितां भुजङ्गतुङ्गमालिकाम्‌।
डमड्डमड्डमड्डमन्निनादवड्डमर्वयं चकारचण्डताण्डवं तनोतु नः शिवो शिवम्‌ ॥1॥
जटाकटाहसंभ्रमभ्रमन्निलिंपनिर्झरी विलोलवीचिवल्लरी विराजमानमूर्धनि।
धगद्धगद्धगज्ज्वलल्ललाटपट्टपावके किशोरचंद्रशेखरे रतिः प्रतिक्षणं ममं ॥2॥

धराधरेंद्रनंदिनी विलासबन्धुबन्धुरस्फुरद्दिगंतसंतति प्रमोद मानमानसे।
कृपाकटाक्षधोरणीनिरुद्धदुर्धरापदि क्वचिद्विगम्बरे मनोविनोदमेतु वस्तुनि ॥3॥
जटाभुजंगपिंगलस्फुरत्फणामणिप्रभा कदंबकुंकुमद्रवप्रलिप्तदिग्वधूमुखे।
मदांधसिंधुरस्फुरत्वगुत्तरीयमेदुरे मनोविनोदद्भुतं बिंभर्तुभूतभर्तरि ॥4॥

सहस्रलोचनप्रभृत्यशेषलेखशेखर प्रसूनधूलिधोरणी विधूसरांघ्रिपीठभूः।
भुजंगराजमालयानिबद्धजाटजूटकः श्रियैचिरायजायतां चकोरबंधुशेखरः ॥5॥
ललाटचत्वरज्वलद्धनंजयस्फुलिङ्गभा निपीतपंचसायकंनमन्निलिंपनायकम्‌।
सुधामयूखलेखया विराजमानशेखरं महाकपालिसंपदे शिरोजटालमस्तुनः ॥6॥
करालभालपट्टिकाधगद्धगद्धगज्ज्वलद्धनंजया धरीकृतप्रचंडपंचसायके।
धराधरेंद्रनंदिनीकुचाग्रचित्रपत्रकप्रकल्पनैकशिल्पिनी त्रिलोचनेरतिर्मम ॥7॥
नवीनमेघमंडलीनिरुद्धदुर्धरस्फुरत्कुहुनिशीथनीतमः प्रबद्धबद्धकन्धरः।
निलिम्पनिर्झरीधरस्तनोतु कृत्तिसिंधुरः कलानिधानबंधुरः श्रियं जगंद्धुरंधरः ॥8॥

प्रफुल्लनीलपंकजप्रपंचकालिमप्रभा विडंबि कंठकंध रारुचि प्रबंधकंधरम्‌।
स्मरच्छिदं पुरच्छिंद भवच्छिदं मखच्छिदं गजच्छिदांधकच्छिदं तमंतकच्छिदं भजे ॥9॥
अखर्वसर्वमंगला कलाकदम्बमंजरी रसप्रवाह माधुरी विजृंभणा मधुव्रतम्‌।
स्मरांतकं पुरातकं भावंतकं मखांतकं गजांतकांधकांतकं तमंतकांतकं भजे ॥10॥

जयत्वदभ्रविभ्रमभ्रमद्भुजंगमस्फुरद्धगद्धगद्विनिर्गमत्कराल भाल हव्यवाट्।
धिमिद्धिमिद्धिमिध्वनन्मृदंगतुंगमंगलध्वनिक्रमप्रवर्तित: प्रचण्ड ताण्डवः शिवः ॥11॥
दृषद्विचित्रतल्पयोर्भुजंगमौक्तिकमस्रजोर्गरिष्ठरत्नलोष्ठयोः सुह्रद्विपक्षपक्षयोः।
तृणारविंदचक्षुषोः प्रजामहीमहेन्द्रयोः समं प्रवर्तयन्मनः कदा सदाशिवं भजे ॥12॥

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कदा निलिंपनिर्झरी निकुञ्जकोटरे वसन्‌ विमुक्तदुर्मतिः सदा शिरःस्थमंजलिं वहन्‌।
विमुक्तलोललोचनो ललामभाललग्नकः शिवेति मंत्रमुच्चरन्‌ कदा सुखी भवाम्यहम्‌ ॥13॥
निलिम्प नाथनागरी कदम्ब मौलमल्लिका-निगुम्फनिर्भक्षरन्म धूष्णिकामनोहरः।
तनोतु नो मनोमुदं विनोदिनींमहनिशं परिश्रय परं पदं तदंगजत्विषां चयः ॥14॥

प्रचण्ड वाडवानल प्रभाशुभप्रचारणी महाष्टसिद्धिकामिनी जनावहूत जल्पना।
विमुक्त वाम लोचनो विवाहकालिकध्वनिः शिवेति मन्त्रभूषगो जगज्जयाय जायताम्‌ ॥15॥
इमं हि नित्यमेव मुक्तमुक्तमोत्तम स्तवं पठन्स्मरन्‌ ब्रुवन्नरो विशुद्धमेति संततम्‌।
हरे गुरौ सुभक्तिमाशु याति नान्यथागतिं विमोहनं हि देहनां सुशंकरस्य चिंतनम् ॥16॥

पूजावसानसमये दशवक्रत्रगीतं यः शम्भूपूजनपरम् पठति प्रदोषे।
तस्य स्थिरां रथगजेंद्रतुरंगयुक्तां लक्ष्मी सदैव सुमुखीं प्रददाति शम्भुः ॥17॥
॥ इति रावणकृतं शिव ताण्डव स्तोत्रं संपूर्णम्‌ ॥

How to Chant Shiv Mantra?

भगवान शिव के मन्त्रों का जाप कैसे करें?

महादेव शिव को प्रसन्न करने और उनकी कृपा प्राप्त करने के कई सारे मंत्र हैं. आप अपनी सुविधानुसार इन मंत्रो का जाप कर सकतें हैं. ये सभी मन्त्र अत्यंत ही शक्तिशाली हैं. उपर दिए गए मंत्रो के अलावा भी कई सारे शिव मन्त्र हैं. जिनके बारे में जानकारी आपको आगे आने वाले पोस्ट में मिलेगी.

भगवान शिव के मंत्रो का जाप कैसे करना है इस संबंद्ध में जानकारी निचे दी जा रही है.

  • महादेव शिव के मंत्रो | Shiv Mantra का जाप अत्यंत ही श्रद्धा के साथ करें.
  • शिव मन्त्र के जाप के समय भगवान शिव पर अगाध बिस्वास रखें.
  • मन को सुद्ध रखें. शिव मन्त्र के जाप के समय मन में कोई विकार नहीं आने दें.
  • अपने मन मष्तिक को भगवान् शिव में लागाये रखें.
  • आप किसी भी समय शिव मंत्र | Shiv Mantra का जाप कर सकतें हैं.
  • प्रातः काल और संध्या काल का समय शिव मन्त्र के जाप के लिए उपयुक्त होता है.
  • सोमवार भगवान् शिव का दिन है. इस दिन अवस्य महादेव शिव की पूजा अर्चना करें.
  • सोमवार को भगवान शिव के मंदिर में जाकर शिव मन्त्र का जाप करना अत्यंत ही शुभ होता है.
  • महादेव शिव को गंगाजल अत्यंत ही प्रिय है. इसलिए शिवलिंग पर गंगा जल अर्पित करें.
  • फिर बिल्वपत्र अर्पित करें.
  • उसके पश्चात धतुरा आदि पुष्प अर्पित करें.
  • फिर एकाग्र होकर भगवान शिव के किसी भी मन्त्र का जाप करें.
  • आप ॐ नमः शिवाय मन्त्र का जाप भी कर सकतें हैं.
  • ॐ नमः शिवाय का जाप अत्यंत सुगम और आसान है.
  • आप शिव शिव का भी जाप कर सकतें हैं.

Benefits of Shiv mantra

भगवान शिव के मंत्रों के जाप से लाभ

महादेव शिव अत्यंत ही दयालु हैं. वे आसानी से प्रसन्न होने वाले देवता हैं. उपर बताये गए समस्त मन्त्र अत्यंत ही शक्तिशाली हैं. इन मंत्रो का जाप हमेशा ही शुभ फल प्रदायक होता है.

  • शिव मंत्रो | Shiv Mantra के जाप से महादेव शिव की कृपा प्राप्ति होती है.
  • ॐ नमः शिवाय मन्त्र के जाप से महादेव शिव अपने भक्त की समस्त मनोकामना पूर्ण करतें हैं.
  • शिव द्वादश मन्त्र के जाप से मनुष्य के समस्त पाप नष्ट होतें हैं.
  • महा मृत्युंजय मंत्र के जाप से मनुष्य की अकाल मृत्यु नहीं होती है.
  • भगवान शिव के मंत्रो का जाप मनुष्य के लिए हमेशा ही शुभ फल प्रदायक होता है.
  • महादेव शिव की कृपा से मनुष्य के समस्त रोगों का नाश होता है.
  • महादेव शिव को जो भी भक्त गंगा जल अर्पित करता है उसके समस्त मनोकामना भगवान शिव पूर्ण करतें हैं.
  • सावन मास में जो भी भक्त कांवर लेकर भगवान् शिव के लिए गंगाजल लाता है. और उसे शिवलिंग पर अर्पित करता है उसके महादेव की विशेष कृपा प्रात होती है.

Shiv Mantra Download

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भगवान शिव के मंत्रो को अगर आप पीडीऍफ़ में डाउनलोड करना चाहतें हैं. या फिर प्रिंट करना चाहते हैं तो निचे दिए पीडीऍफ़ डाउनलोड बटन पर क्लिक करें.

अगर आप कोई जानकारी चाहतें हैं तो निचे अवस्य कमेंट करें. अगर आप महादेव शिव के अनन्य भक्त हैं तो निचे कमेंट बॉक्स में ॐ नमः शिवाय अवस्य लिखें. अगर आप कांवर यात्रा करतें हैं तो निचे कमेंट बॉक्स में लिखें. इसे मैं आपके नाम के साथ प्रकाशित करूँगा.

महादेव शिव आप सबकी सभी शुभ मनोकामना पूर्ण करें.

जय महादेव , ॐ नमः शिवाय. शिव शिव शिव शिव शिव

शिव चालीसा / Shiv Chalisa

Shivashtakam | शिवाष्टकम

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