Brihaspati Dev ki Aarti | बृहस्पति देव की आरती

Brihaspati Dev ki Aarti is a great source to pleased the Dev Guru Brihaspati. बृहस्पति देव की आरती करने से भगवान् विष्णु और देवताओं के गुरु बृहस्पति प्रसन्न होकर अपने भक्त पर कृपा प्रदान करतें हैं.

Brihaspatiwar or Guruwar/Thursday is a day for Vishnu and Dev Guru Brihaspati. So do Brihaspati dev ki aarti in every Thursday to get the blessing of Dev Guru Brihaspati and Lord Vishnu.

इस विडियो को अवस्य देखें.

Brihaspati Dev ki Aarti Video

बृहस्पतिवार या गुरुवार को भगवान् विष्णु और देवताओं के गुरु बृहस्पति का दिन माना गया है. यह दिन अति शुभ होता है. बृहस्पतिवार के दिन नियमानुसार बृहस्पतिवार की कथा आदि का श्रवन करके आरती करने से अत्यंत पुण्य की प्राप्ति होती है.

इस दिन पिला वस्त्र धारण करने और पिली वस्तुओं का दान करने से भी अत्यंत शुभ फल की प्राप्ति होती है.

जो लोग बृहस्पतिवार को कथा श्रवन, उपवास और बृहस्पति देव की पूजा और आरती करतें हैं उन्हें इस दिन मांसाहारी भोजन नहीं करना चाहिए.

भोजन में लहसुन प्याज आदि का भी सेवन नहीं करना चाहिए. पुरे सात्विक तरीके से इस बृहस्पतिवार का पूजन करना चाहिये.

Brihaspati Dev ki Aarti

Brihaspati Dev ki Aarti
Brihaspati dev ki Aarti

|| बृहस्पति देव की आरती ||

ॐ जय वृहस्पति देवा,
जय बृहस्पति देवा |
छिन छिन भोग लगाऊ,
केन्द्ली फल मेवा ||

तुम पूर्ण परमात्मा,
तुम अन्तर्यामी |
जगत्पिता जगदीश्वर,
तुम सबके स्वामी ||

चरणामृत निज निर्मल,
सब पातक हर्ता |
सकल मनोरथ दायक,
कृपा करो भर्ता ||

तन मन धन अर्पणकर,
जो जन शरण पड़े |
प्रभु प्रकट तब होकर,
आकर द्वार खड़े ||

दींन दयाल दयानिधि,
भक्तन हितकारी |
पाप दोष सब हर्ता,
भवः बंधन हारी ||

सकल मनोरथ दायक,
सब संशय तारो |
विषय विकार मिटाओ,
संतन सुखकारी ||

जो कोई आरती तेरी,
प्रेम सहित गावे |
जेस्तानंद बसंत सो,
सो फल निश्चय पावे ||

|| विष्णु भगवान की जय ||

|| बृहस्पति भगवान की जय ||

Brihaspati Dev ji ki Aarti

Om jay Brihaspati deva,
Jay Brihaspati deva.
Chhin chhin bhog lagaoo,
Kendlee phal meva.

Tum poorn paramatma,
Tum antaryaamee.
Jagatpita jagadeeshwar,
Tum sabake swaami.

Charanaamrit nij nirmal,
Sab paatak harta.
Sakal manorath daayak,
Kripa karo bharta.

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Tan man dhan arpanakar
Jo jan sharan pade.
Prabhu prakat tab hokar,
Aakar dvaar khade.

Deenn dayaal dayaanidhi,
Bhaktan hitakaaree.
Paap dosh sab harta,
Bhaavah bandhan haaree.

Sakal manorath daayak,
Sab sanshay taaro.
Vishay vikaar mitao,
Santan sukhakaaree.

Jo koee aaratee teree
Prem sahit gaave
Jestaanand basant so
So phal nishchay paave

Vishnu bhagwan ki jay.
Brihaspati bhagwan ki jay.

बृहस्पति देव की आरती कैसे करें?

  • सबसे प्रथम बृहस्पतिवार को भगवान विष्णु जी की पूजा सम्पूर्ण बिधि-विधान से करें.
  • पिला वस्त्र धारण करें.
  • बृहस्पति भगवन को भोग लगायें.
  • पिला केला, चना दाल, गुड़ और बेसन के लड्डू का भोग भगवान को अर्पित करें.
  • धुप दीप जलाएं.
  • पिला फुल अर्पित करें.
  • पीले फुल की माला अर्पित करें.
  • उसके पश्चात बृहस्पतिवार की कथा का श्रवन करें.
  • कथा के उपरान्त खड़े होकर भगवान् बृहस्पति देव की आरती करें.
  • आरती सम्पूर्ण श्रद्धा के साथ करें.
  • इस दिन सम्पूर्ण सात्विकता का पालन करें.

बृहस्पति देव जी की आरती से लाभ

  • बृहस्पति देव की आरती से मनुष्य को भगवन बृहस्पति देव की कृपा प्राप्ति होती है.
  • उनकी कृपा से मनुष्य को जीवन में सफलता मिलती है.
  • संतान का सुख मिलता है.
  • दुःख-दरिद्रता दूर होती है.
  • धन-सम्पति में बृद्धि होती है.
  • रोगों से मुक्ति मिलती है.

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