हयग्रीव गायत्री मंत्र – Hayagriva Gayatri Mantra

हयग्रीव गायत्री मंत्रHayagriva Gayatri Mantra – हयग्रीव मंत्र भगवान श्री हयग्रीव देव जी की स्तुति और आराधना करने का एक सिद्ध और शक्तिशाली मंत्र है.

आप सबको बता दें की हयग्रीव एक असुर था जिसे वरदान था की वह सिर्फ हयग्रीव के हाथों ही मृत्यु को प्राप्त करेगा. इस कारण से भगवान् श्री विष्णु जी ने हयग्रीव अवतार लिया और उस राक्षस का संहार कर उसे मृत्यु लोक में भेजा.

भगवान श्री विष्णु जी के हयग्रीव अवतार की स्तुति और आराधना करने से मनुष्य को श्री विष्णु जी की परम कृपा की प्राप्ति होती है.

Hayagriva Gayatri Mantraहयग्रीव गायत्री मंत्र

Hayagriva Gayatri Mantra
Hayagriva Gayatri Mantra

ॐ वागीश्वराय विद्महे, हयग्रीवाय धीमहि, तन्नो हंस: प्रचोदयात् ||

Hayagreeva Gayatri Mantra

ॐ वाणीश्वराय विद्महे हयग्रीवा धीमहि तन्नो: ह्याग्रीवः प्रचोदयात ||

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Hayagriva Gayatri Mantra Lyrics in English

Om Wagishwaray Vidmahe Hayagrivay Dheemahi Tanno Hansah Prachodayat.

Om Wanishwaray Vidmahe Haygriva Dheemahi Tanno Hayagriva Prachodayat.

श्री हयग्रीव गायत्री मंत्र का पाठ कैसे करें?

हयग्रीव गायत्री मंत्र का पाठ सम्पूर्ण रूप से स्वच्छ और पवित्र होकर ही करें. सम्पूर्ण श्रद्धा और भक्ति के साथ श्री हयग्रीव गायत्री मंत्र का पाठ करें. मन को स्वच्छ और निर्मल रखें. आप श्री हयग्रीव गायत्री मन्त्र का पाठ 108 बार कर सकतें हैं. प्रातः काल और संध्या काल का समय उत्तम होता है. वैसे एक बात आप लोगों को बता दूँ की किसी भी मंत्र के जाप के लिए गोधुली वेला का समय सर्वथा उत्तम होता है.

Hayagriva Gayatri Mantra Benefits

हयग्रीव गायत्री मंत्र के पाठ से मनुष्य को भगवान श्री विष्णु जी के अवतार श्री हयग्रीव जी की परम कृपा की प्राप्ति होती है. मन में शान्ति और स्थिरता आती है. एकाग्रता बढती है. आत्मबिस्वास में बृद्धि होती है. साथ ही भगवान् श्री विष्णु जी की कृपा से मनुष्य सुख और शान्ति के साथ अपना जीवन यापन करता है.

हयग्रीव गायत्री मंत्र पीडीऍफ़ डाउनलोड

हयग्रीव गायत्री मंत्र को पीडीऍफ़ में डाउनलोड करने के लिए आप निचे दिए गए डाउनलोड बटन पर क्लिक करें. इससे एक डाउनलोड पेज आपके समक्ष आएगा जहाँ से आप इसे आसानी के साथ डाउनलोड कर पायेंगे. साथ ही यहाँ से आप इसे सीधे प्रिंट भी कर पायेंगे.

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